hindi story कौंए की आवाज कर्कस क्यू होती है

  hindi story  कौंए की आवाज कर्कश क्यू होती है ?


 hindi story  कौंए की आवाज कर्कस क्यू होती है ? इस सवाल का जवाब हमें एक कहानी में मिलेगा जो इस प्रकार है।

                                   
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hindi story जब भगवान् ने अभी पक्छी को बनाया और जब उनको उनकी आवाज देने लगे तब सभी  पक्छियों ने भगवान् की दी हुई आवाज को खुशी से ले लिया और वहाँ से धरती में जाने लगे लेकिन  कौंए ने ऐसा नहीं किया वो भगवान् से बोला कि मुझे ये आवाज पसंद नहीं है। आप मुझे कोई और अच्छी आवाज दीजिए। भगवान ने  कौंए की प्रवित्ति समझ ली के ये  चतुर और दुष्ट प्रवित्ति का है।

तो भगवान् ने पूछा की तुझे कैसी आवाज चाहिये।कौंए ने बोला सबसे मीठी आवाज। तो भगवान् ने उसे मीठी आवाज तो दे दी लेकिन उसकी प्रवृत्ति नहीं बदली।  कौंए मीठी आवाज पाकर बहुत खुश हुआ और धरती पर आ गया। धरती पर आने के बाद उसने अपनी मीठी बातों से लोगों को लुभाना शुरू कर दिया। लेकिन उसकी बात में कोई भी आदमी नहीं आता था क्यू कि उसकी बातों में  कपट और धोखा छुपा होता था। क्यू कि  कौंए की प्रवित्ति कुटिल प्रवित्ति थी।

 एक दिन जब कौंए ने एक अमीर और सज्जन मनुष्य को देखा तो उनसे उसे अपनी मीठी आवाज और मीठी बातों में फसाने के लिए अपने पास बुलाया और बोला की अरे तुम तो बहुत सज्जन हो मेरी थोड़ी मदद कर दो। उस आदमी ने पुछा कैसी मदद तो  कौंए ने बोला यहां के मनुष्य बहुत बुरे है ये मुझे मारते हैं और खाना भी नहीं देते। कृपया तुम मुझे यहाँ से अपने साथ ले जाओ ताकि मैं जिंन्दा रह सकूँ। आदमी सज्जन था वह  कौंए की बातों में आ गया और उसे अपने साथ अपने घर ले आया। 

उसने  कौंए को अपने सारे परिवार से मिलाया और उसे रहने के लिए अच्छी जगह दी और खूब अच्छा भोजन दिया। इस तरह  कौंए को बहुत आराम से सब कुछ मिल गया। लेकिन  कुछ ही  दिनों बाद  कौंए ने अपनी दुष्टता दिखाना शुरू कर दिया। वह दूसरों से उस सज्जन आदमी की बुराई करता और झूठे आरोप भी लगता। लेकिन जब कोई उस कौंए कि  बात उस सज्जन आदमी को बताता तो वह इस बात को मजाक में उड़ा देता था। ऐसा बहुत दिनों तक चलता रहा।

 एक दिन की बात है उस सज्जन आदमी की बहन के लिए  शादी का रिस्ता लेकर एक बहुत ही अच्छा परिवार उनके घर आया हुआ था। शादी की सारी बातें पक्की हो गई थी और सब अच्छा चल रहा था। क्यू की कौंए के बारे में उस सज्जन आदमी को कुछ सक था इस लिए उसने उस कौंए को किसी अलग जगह पर भिजवा दिया था। 



लेकिन जब लड़के के परिवार का कोई सदस्य घुमते हुए गलती से उस कौंए के सामने से गुजरा तो उस कौंए ने उसे अपने पास बुलाया और उस सज्जन आदमी और उसकी बहन के बारे में बुराई करते हुये झूठी और गलत बातें करने लगा।

 यही झूठी बातों को उसने लड़के के परिवार के और भी सदस्यों को बताया तो उन्होंने शादी से मना कर  दिया और वहाँ से चले गए। इस घटना से उस सज्जन आदमी के परिवार को बहुत दुःख पहुँचा। और उस सज्जन आदमी ने उस दुस्ट कौंए को यह श्राप दिया की ये तेरी मीठी जुबान अब से कर्कश को जाएगी जिस से तू लोगों को झूठी और गलत बातें नहीं कर  पायेगा। और तू जहाँ भी जायेगा लोग तुझे वहाँ से भगा देंगे। और तुझे खाने को भी कुछ नहीं देंगें। उस सज्जन आदमी के दिए हुए श्राप के कारण ही कौंए की आवाज इतनी कर्कश हो गई है। 

निष्कर्ष :- कपटी और दुष्ट लोगों का जितना भी भला कर दो वह अपनी दुष्टता कभी भी नहीं छोड़ते है। इस लिए ऐसे लोगों से हमेसा दूरी बनाये रखना चाहिए।