अंटार्कटिका के रोचक तथ्य


 अंटार्टिका में बर्फ की जगह पड़ती थी गर्मी,

लगभग 145 लाख साल पहले अंटार्टिका में बर्फ की जगह पड़ती थी गर्मी 


जैसा की सभी को पता है ग्लोबल वार्मिंग का असर आज दिखने लगा है। इसने पूरे पृथ्वी पर अपना प्रभाव डालन सुरु कर  दिया है।

 पर्यावरण में काफी दसकों से बदलाव होते आ रहे है। यही वजह है की कुछ जानवरों और पौधों की प्रजाति का अस्तित्व मिट गया है। जिन्हें अब हम केवल फिल्मों या किताबों में ही देख पाते है। इनमे से एक जानवर है डायनासोर ,डायनासोर अब केवल फिल्मों में ही देखने को मिलते हैं।

लेकिन क्या आप को पता है की लगभग 145 लाख साल पहले इनका वजूद इस दुनिया में था। इस बात का खुलासा वैज्ञानिकों डायनासोर के मिले जीवाश्म से हुआ है।

 वैज्ञानिकों के मुताबिक डायनासोर के लिए अंटार्कटिक उनका मुख्या बसेरा था। क्यू कि डायनासोर को जीवित रहने की लिए गर्मी की जरूरत थी इस लिए आज से लगभग 145 लाख साल पहले अंटार्टिका, जहाँ आज बर्फ की मोटी परत है वहाँ बेहद गर्मी भरा मौसम हुआ करता था।

शोधकर्ताओं को यहाँ जो डायनासोर के जीवाश्म मिले है वह इसी ओर इसरा करते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार एक उल्कापिण्ड के धरती से टकराने पर सब कुछ बदल गया। इस टकराव से ग्लेसियर पिघल गए  और  समुद्र में समा गए। जिस कारण समुद्र का जल स्तर बढ़ गया।

भू - विज्ञान  में इसे क्रिटेशियस युग कहते हैं। जानकारों के अनुसार अंटार्टिका में डायनासोर के रहने के लिए अनुकूल माहौल के साथ उनका पेट भरने के लिए  पेड़ पौधे और जंगल भी थे जो गर्मी में ही ऊग सकते थे। लेकिन  पर्यावरण में आये बदलाव के कारण ये जंगल भी नस्ट हो गये। 



                                                                 
अंटार्कटिका के रोचक तथ्य - Interesting facts about Antarctica
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