विज्ञान के चमत्कार - vigyan ke chamatkar

 विज्ञान के चमत्कार-Vigyan Ke Chamatkar Nibandh

 

 Vigyan ke Chamatkar pr Nibandh


प्रस्तावना- अनेक वर्षों से विज्ञान निरंतर उन्नति कर रहा है। विज्ञान का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। 

आज मनुष्य उन्नति के शिखर पर खड़ा है, तो उसका श्रेय विज्ञान को जाता है। विज्ञान एक बहुत बड़ी शक्ति है, जिसने मनुष्य के जीवन को सुविधाजनक और आरामदायक बना दिया है। विज्ञान की शक्ति के माध्यम से अगर हम धरती को सींचे तो यह विज्ञान एक वरदान और चमत्कारी शक्ति है।

अगर विज्ञान का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाए, तो यह अभिशाप बन सकता है। विज्ञान के चमत्कारों की कोई तुलना नहीं है। विज्ञान और तकनीकी उन्नति ने पूरे संसार को अलग ही रूप दे दिया है। विज्ञान ने मनुष्य के हर मुश्किल को आसान कर दिया है। विज्ञान के कई शाखाएं है, जैसे जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान इत्यादि।

सभी क्षेत्रों के वैज्ञानिको ने अनगिनत आविष्कार किये है, जिससे मनुष्य की ज़िन्दगी सरल बन गयी है। विज्ञान का हर क्षेत्र ज्ञान का भण्डार है। आज की दुनिया विज्ञान की दुनिया है। मनुष्य को विज्ञान ने ना सिर्फ ज्ञान दिया है अपितु मनुष्य को शक्ति प्रदान की है।वैसे 19वीं एवं 20वीं सदी में विज्ञान में नवीन आविष्कार हुए और आज हम विज्ञान से इतने संबद्ध हो चुके हैं कि इसके बिना हमारा जीवन ही अधूरा रह जाएगा।

विज्ञान ने मनुष्य के ज़िन्दगी में असीमित और सकारात्मक बदलाव किये है। मनुष्य की ज़रूरतों की पूर्ति विज्ञान ने अपेक्षित रूप में कर दी है।


विज्ञान-के-चमत्कार-wonder-of-since
विज्ञान-के-चमत्कार-wonder-of-since


# विज्ञान का योगदान

# आधुनिक युग का विज्ञान- आधुनिक युग के विज्ञान को देखा जाए, तो इसे हम आविष्कारों के युग की संज्ञा दे सकते हैं। सुई से हवाई जहाज़ तक के निर्माण में हमें विज्ञान की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। विज्ञान ने मानव में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। भाप, बिजली एवं अणु शक्ति को वश में करने वाला मानव आज वैभव की चरम सीमा पर आरूढ़ है। तेज़ गति से चलने वाले वाहन, समुद्री जहाज़ एवं आकाश में वायुवेग से चलने वाले हवाई जहाज़, चंद्रलोक की यात्रा करने वाला रॉकेट आदि कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने प्रकृति पर मानव की विजय का उज्जवल दृष्टांत प्रस्तुत किया है।


# चिकित्सा क्षेत्र में विज्ञान का योगदान

विज्ञान ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि पेश की है। एक्स रे मशीन से लेकर कई मशीनो का उपयोग मरीज़ो के इलाज़ के लिए किया जाता है। आज अगर हमे अच्छा इलाज़ प्राप्त हो रहा है, तो यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कारण हुआ है।

गंभीर बीमारियां जैसे कैंसर, टिटनेस, ह्रदय रोग, मधुमेह ( डायबिटीज ) इत्यादि का इलाज़ वैज्ञानिक चिकित्सा द्वारा सार्थक हो पाया है। विज्ञान ने कई घातक रोगो को दूर करने के लिए अच्छी दवाओं का आविष्कार किया है। अब नयी आधुनिक सर्जरी की खोज हुयी है जिसकी मदद से मनुष्य अपना चेहरा भी बदल सकता है।


# संचार साधनों में वृद्धि- विज्ञान ने हमारे जीवन में तार, टेलीफोन, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा और ग्रामोफोन आदि ने हमारे जीवन में अनेक सुविधाएँ प्रदान की हैं। इन सुविधाओं की कल्पना हमारे पूर्वजों के लिए कठिन थी।


  कृषि के क्षेत्र में विज्ञान का योगदान

विज्ञान ने कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। इससे मिटटी की उर्वरता का विकास हुआ है। नई और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके कृषक खेती कर रहा है। विज्ञान ने उन्नत बीजो की खोज की है।

ट्रेक्टर इत्यादि उपकरणों की खोज द्वारा, फसलों को बेहतर बनाने की कोशिश की गयी है। इससे किसानो को लाभ हुआ है विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने डेरी व्यापार को विकसित करने में काफी योगदान दिया है।


# विज्ञान वरदान के रूप में- हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। इसी प्रकार विज्ञान के भी दो पहलू हैं। यदि हम विज्ञान के लाभकारी परिणामों पर दृष्टिपात करें, तो हम पायेंगे कि यह हमारे लिए ईश्वरीय वरदान है। प्रारंभ में मनुष्यों का अधिकांश समय उदर पूर्ति हेतु ही व्यतीत हो जाता था, परंतु आज के वैज्ञानिक युग में व्यक्ति के पास इतने अधिक काम और समय की कमी रहती है कि वह अपना काम बिना विज्ञान की सहायता के कर भी नहीं सकता। बड़ी-बड़ी मशीनों की सहायता से दिन भर का काम घंटों में निपटा लिया जाता है। मशीनीकरण से कीमती समय की बचत हो जाती है तथा कम समय में अधिक उत्पादन कर हम अपना एवं अपने देश का आर्थिक विकास संभव बनाते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि विज्ञान मनुष्य को ईश्वरीय वरदान के रूप में प्राप्त है। इसमें किंचित् मात्रा भी संदेह भी नहीं कि विज्ञान हमारे जीवन का एक अमूल्य अंश है।


 # vigyan ke chamatkar


# विज्ञान अभिशाप के रूप में- जिस प्रकार घोड़े की लगाम पकड़ कर हम घोड़े को सही मार्ग पर चलने को विवश करते हैं, उसी प्रकार विज्ञान भी हमारे हाथ की कठपुतली है। इसका उपयोग यदि निर्माण कार्यों में किया जाए, तो हमारे लिए वरदान है। वहीं यदि इसका प्रयोग अनुचित साधन के रूप में किया जाए, तो यह सर्वनाश का प्रबल प्रतीक बन सकती है, जैसे हिरोशिमा व नागासाकी का भयंकर विस्फोट विज्ञान के अभिशाप का एक सशक्त उदाहरण है।

 

# उपसंहार- विज्ञान हमारे लिए वरदान भी है, और अभिशाप भी। हमें चाहिए कि विज्ञान का उपयोग विध्वंसात्मक रूप से न करके रचनात्मक रूप से करें। मानव विज्ञान का स्वामी है अतः उस पर अंकुश लगाए रहें, ताकि विज्ञान द्वारा होने वाले सर्वनाश से बचा जा सके। अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि मनुष्य विज्ञान का उपयोग विध्वंसात्मक रूप से न कर सृजनात्मक रूप से करे, जिससे आसानी से इक्कीसवीं शताब्दी में पदार्पण करें।


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