अंगों के फड़कने का मतलब | ang fadakne ka matlab

 शरीर के अंगों के फड़कने का फल | sharir ke ang fadakne ka kya matlab hota hai  


ang fadakne ka matlab

ज्योतिष के प्रमुख अंगों में सामुद्रिक शास्त्र भी एक है। सामुद्रिक शास्त्र मुख, मुखमण्डल तथा सम्पूर्ण शरीर के अध्ययन की विद्या है। भारत में यह वैदिक काल से ही प्रचलित है। गरुड पुराण में सामुद्रिक शास्त्र का वर्णन मिलता है। सामुद्रिक शास्त्र में मानव शरीर के विभिन्न अंगों के अधार पर व्यक्ति के भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में बताया गया है। 

सामुद्रिक शास्त्र में अंगों के फड़कने से संबंधित भी कई बातें बताई गई हैं, जो हमें भविष्य में होने वाली अच्छी-बुरी घटनाओं के बारे में संकेत करती है। इन्हीं बातों को हमारे समाज में शकुन-अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है। 

अन्य प्राणियों की तुलना में हमारा शरीर अधिक संवेदनशील होता है। यही कारण है कि भविष्य में होने वाली घटना के प्रति हमारा शरीर पहले ही आशंका व्यक्त कर देता है। शरीर के विभिन्न अंगों का फड़कना भी भविष्य में होने वाली घटनाओं की जानकारी देने का एक माध्यम है। 

अंगों के फड़कने से भी शुभ-अशुभ की सूचना मिलती है। प्रत्येक अंग की एक अलग ही विशेषता है और उनके फडकने का एक अलग ही अर्थ होता है। अंगों के फड़कने का महत्व प्राचीन समय से ही चला आ रहा है, प्रत्येक शास्त्र या विश्व का कोई भी व्यक्ति इस विज्ञान से थोडा बहुत परिचित है तथा घर परिवार या समाज में सभी इसके फल को जानते है आज हम आपको सामुद्रिक शास्त्र में लिखे कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं तो आइये जानते हैं। 

घरेलू वस्तुओं के शुभ अशुभ संकेत

# अंगों के फड़कने का शुभ व अशुभ विचार

ang fadakne ka matlab

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार अंगों का फरकना कई शुभ अशुभ फलों को देने वाला होता है। आँख सबसे अधिक फड़कती है और लोग व्याकुल रहते हैं, कि इनके फरकने का क्या फल होगा। दायीं आँख ऊपर की ओर के पलक में फड़कती है तो धन,कीर्ति मान सम्मानआदि की वृद्धि होती है, नौकरी में पदोन्नति होती है नीचे की पलक फड़कती है तो अशुभ होने की संभावना रहती है। 

अंगों के फड़कने  का फल का सामान्य सिधान्त  - पुरुष के शरीर के दाएं भाग में फड़कता है तो उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकता है। पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखद घटना झेलनी पड़ सकती है।  जबकि महिलाओं के मामले में यह उलटा है, यानि उनके बाएं हिस्से के फड़कने में खुशखबरी और दाएं हिस्से के फड़कने पर बुरी खबर सुनाई दे सकती है।

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आंख का फड़कना

आंख का फड़कना
आंख का फड़कना

# दाहिनी आंख फड़कने का मतलब ?

  • अगर व्यक्ति की दाहिनी आंख फड़कती है तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी सारी इच्छाएं पूरी होने वाली हैं और अगर उसकी बाईं आंख में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई अच्छी खबर मिल सकती है।  
  • यदि लगातार दाहिनी पलक फडफ़ड़ाए तो शारीरिक कष्ट होता है।
  • अगर दाहिनी आंख बहुत देर या दिनों तक फड़कती है तो यह लंबी बीमारी की तरफ इशारा करता है।
  • दाहिनी आंख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है 
  • दाहिनी आंख चारो तरफ से फड़के तो व्यक्ति के रागी होने की संभावना रहती है।
  • अगर  दोनों आँखे एक साथ फडकती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुडे हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।


# पुरुष की बायीं आँख का फड़कना


# बाई आंख का फड़कना पुरुष

  •  बायीं आख का फड़कना स्त्री से दुख का, वियोग का लक्षण है।
  •  बांयी आंख चारो ओर से फड़कने लगे तो विवाह के योग बनते हैं।
  • बाँयी आँख ऊपर की और फडकती हो तो इसका फल शुभ होता है। 
  • बाँयी आँख का उपरी फलक फडकता है तो दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है। 
  •  नीचे का फलक फडकता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और अपमानित होना पड सकता है।
  • बाँयी आँख की नाक की ओर का कोना फडकता है जिसका फल शुभ होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।
  • दांयी आँख पीछे की ओर फडकती है तो इसका फल अशुभ होता है।


# बाई आंख का फड़कना महिला

  • बाईं आंख का फड़कना महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। ऐसा होने से महिलाओं को सोने-चांदी के ढेर सारे गहने मिलने की आशा होती है।
  • नेत्रकोण फड़के तो आर्थिक उन्नति होती है। 
  • स्त्री की बाँयी आँख फडकती हो तो शुभ फल होता है।
  • अगर  दोनों आँखे एक साथ फडकती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुडे हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।
  • बाँयी आँख की नाक की ओर का कोना फडकता है जिसका फल शुभ होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।


# भौहों का फड़कना

  • भौहों का फड़कना इशारा करता है कि निकट भविष्य में आपको सुखदायक और खुशहाल जीवन मिलने वाला है। इसके अलावा यह इस बात का भी संकेतक है कि आप जिस भी क्षेत्र में काम कर रहे हैं आपको उसमें अनापेक्षित सफलता मिलने वाली है।
  • दोनों भौंहों के मध्य फड़कन सुख देने वाली होती है।
  • आँखों के पास फड़कन हो तो आप अपने किसी प्रिय से मिलते हैं। 


# सिर और ललाट  के फड़कने  का फल 

  •  किसी व्यक्ति के माथे  अगर फड़कता है  तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है वहीं कनपटी के पास फड़कन पर धन लाभ होता है।
  • संपूर्ण मस्तक का फड़कना दूर स्थान की यात्रा का संकेत समझना चाहिए तथा मार्ग में परशोनियां भी आती है।
  • सिर का मध्य भाग फड़के तो धन की प्राप्ति होती है तथा परेशानियों से मुिक्त मिलती है।
  • आपके सिर के अगले हिस्से में फडकन हो रही है तो यह स्थिति स्वदेश या परदेश दोनों में ही धन मान प्राप्ति का कारण बन सकती है। 
  • पूरा सिर फडक रहा है तो यह सबसे अधिक शुभ स्थिति है आपको दुसरे का धन मिल सकता है, मुकद्दमे में जीत हो सकती है. राजसम्मान मिल सकता है. या फिर भूमि की प्राप्ति हो सकती है।
  •  सिर के दांयी ओर के हिस्से में फडकन है तो यह शुभ फलदायक स्थिति है आपको धन, किसी राज सम्मान, नौकरी में पदोंन्नती, किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार, लाटरी में जीत, भूमि लाभ आदि की प्राप्ति हो सकती है।  सिर का पिछला हिस्सा फडकता है तो समझ लीजिए आपका विदेश जाने का योग बन रहा है और वहाँ आपको धन की प्राप्ति भी होने वाली है।


# ललाट  के फड़कने  का फल -

  • यदि ललाट मध्य से फडक़ ने लगे तो लाभदायक यात्रायें हातेी है। 
  •  यदि पूरा ललाट फड़के तो राज्य से सम्मान तथा नौकरी में प्रमोशन होता है।
  • यदि मस्तक फड़के तो भू-लाभ मिलता है। 


# कान / नाक के फड़कने  का फल 

  • यदि दाहिने कान का छेद फड़फडा़ ता है तो मित्र से मुलाकात होती है। यदि दाहिना कान फड़फड़ाता है तो पद बढ़े, अच्छे समाचार की प्राप्ति हो, विजय मिले।
  •  यदि बांये कान का पिछला भाग फडक़ ता है तो मित्र से बुलावा आता ह अथवा कोई खुश खबरी भरा पत्र मिलता है। यदि बांया कान बजे तो बुरी खबर सुनने को मिलती है।
  • किसी व्यक्ति की नाक फड़फड़ाती हो तो उसके व्यवसाय में बढ़ोत्तरी हातेी है।
  •  किसी व्यक्ति के नाक के नथुने के अंदर फड़फड़ाहट महसूस हो तो उसे सुख मिलता है।
  •  यदि नाक की जड़े फड़के तो लडा़ई झगड़ा होने की संभावना रहती है।


# मुंह, दांत, जीभ और गला  के फड़कने  का फल 

  • यदि दांत का ऊपरी भाग फडफ़ ड़ाहट करता है तो व्यक्ति को प्रसन्नता प्राप्त होती है।
  • यदि जीभ फड़के तो लड़ाई झगड़ा होता है, विजय मिलती है।
  • गले का फड़कना भी एक अच्छा संकेत है क्योंकि यह आपके लिए खुशहाली, सम्मान और आराम लाने वाला है।
  • कंठ गला तेज गति से फडकता है तो स्वादिष्ट और मनपसंद भोजन मिलता है। 
  • किसी स्त्री का कंठ फडकता है तो उसे गले का आभूषण प्राप्त होता है। कंठ का बांया भाग फड़कता है तो धन की उपलब्धि कराता है। किसी स्त्री के कंठ के निचले हिस्से का फडकना कम मूल्य के आभूषणों की प्राप्ति की सूचना देता है ।
  • कंठ का उपरी भाग फडकता है तो सोने की माला मिलने की संभावना बड जाति है। कंठ की घाटी के नीचे फडकन होती है तो किसी हथियार से घायल होने की संभावना रहती है। 
  •  मुंह का फड़फड़ाना पुत्र की ओर से किसी शुभ समाचार को सुनवाता है। यदि पूरा मुंह फड़के तो व्यक्ति की मनोकामनापूर्ण होती है।
  •  किसी व्यक्ति की ठाडेी़ में फडफ़डा़हट का अनुभव हो तो मित्र के आगमन की सूचना देता है।
  •  आपके तालू में फडकन है तो यह आर्थिक लाभ का शुभ संकेत है। दाया तालू में फडकन है तो यह बिमारी की सूचना दे रहा है। बाये तालू में फडकन है तो किसी अपराध में जेल जा सकते है।
  • यदि किसी व्यक्ति की गर्दन बांयी तरफ से फड़कती हो तो धन हानि होने की आशंका तथा गर्दन दांयी तरफ से फडके तो स्वर्ण आभूषणों की प्राप्ति होती है।

घरेलू वस्तुओं के शुभ अशुभ संकेत

# गाल के फड़कने  का फल

  • किसी स्वस्थ व्यक्ति का दाहिना गाल फड़के तो उसे लाभ होता है। सुंदर स्त्री से लाभ मिलता है। 
  • किसी व्यक्ति के संतान उत्पन्न होने वाली हो और उसके बायें गाल के मध्य में फड़फड़ाहट हो तो उसके घर कन्या का जन्म होता है और जन्म होने की संभावना न हो तो पुत्री से कोई शुभ समाचार मिलता है।
  • किसी व्यक्ति के दोनो आरे के गाल समान रूप से फडफ़डाएं तो उसे अतलु धन की प्राप्ति होती है। 


# होंठ के फड़कने  का फल

  • अगर किसी इंसान के होंठ फड़क रहे है तो इसका अर्थ है उसके जीवन में नया दोस्त या  हितैषी  आने वाला है।
  •  दोनों होठ फडफडा़ यें तो कहीं से सुखद समाचार मिलता है।
  •  किसी व्यक्ति का ऊपरी होठ फडफ़डायें तो शत्रुओं से हो रहे झगडे़ में समझौता हो जाता है।


# मूंछ का फड़कना

  • सम्पूर्ण मूँछो में फडकन है तो इसका फल बहुत ही शुभ माना गया है, इससे दूध, दही, घी, धन धान्य का योग बनता है। 
  • अगर मूंछ का दांया हिस्सा फडकता है तो इसे शुभ समझना चाहिए। 
  • अगर बाँयी मूंछ फडकती है तो आपका किसी से बहस या झगडा हो सकता है।


# कन्धा का फड़कने  का फल 

  • अगर आपका दाया कन्धा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपको अत्याधिक धन लाभ होने वाला है। 
  •  बाएं कंधे के फड़कने का संबंध जल्द ही मिलने वाली सफलता से है या रक्त विकार या वात सम्बन्धी विकार उत्पन्न हो सकते हैं। 
  •  अगर दोनों कंधे एक साथ फड़कते हैं तो यह किसी के साथ आपकी बड़ी लड़ाई को दर्शाता है।
  •  बाजू फडफ़डा़ती है तो धन और यश की प्राप्ति होती है तथा बांई ओर की बाहं फडफ़डाए तो नष्ट अथवा खोई हुई वस्तु की प्राप्ति हो जाती है।
  • यदि कंधे फड़के तो भोग-विलास में वृद्धि होती है। 

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# छाती  का फड़कने  का फल 

  •  छाती में फड़फडाहट होना मित्र से मिलने की सूचना, छाती के दाहिनी आरे फडफ़डा़हट हो तो विपदा का संकेत, बांयी ओर फड़फड़ाहट हो तो जीवन में सघंर्ष और मध्य में फडफ़ डाहट हो तो लाके प्रियता मिलती है।
  • ह्रदय का ऊपरी भाग फड़के तो झगड़ा होने की संभावना होती है।


# हाथ / हथेली का फड़कने  का फल 

  • हाथों का फड़कना उत्तम कार्य से धन मिलने का सूचक है।
  • अगर आपकी हथेली में हलचल होती है तो यह यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आप जल्द ही किसी बड़ी समस्या में घिरने वाले हैं और अगर अंगुलियां फड़कती है तो यह इशारा करता है कि किसी पुराने दोस्त से आपकी मुलाकात होने वाली है।
  •  किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ का अंगूठा फड़फड़ाये तो उसकी अभिलाषा पूर्ति में विलबं होता है और हाथ की अंगुलियां फडफ़डा़यें तो अभिलाषा की पूर्ति के साथ-साथ किसी मित्र से मिलन होता है।
  • किसी व्यक्ति के हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो तो ये शुभ शकुन है। उसे आने वाले समय में शुभ सपंदा की प्राप्ति होती है।
  •  हथलेी के किसी कोने में फडफ़डा़हट हो तो निकट भविष्य में व्यक्ति किसी विपदा में फसं जाता है। बायें हाथ की हथलेी में फड़फड़ाहट हो और वह व्यक्ति रोगी हो तो उसे शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ हो जाता है।
  • हथेली में यदि फडफ़ड़ाहत हो तो व्यक्ति किसी विपदा में फंस जाता है।
  •  बाजू फडफ़डा़ती है तो धन और यश की प्राप्ति होती है तथा बांई ओर की बाहं फडफ़डाए तो नष्ट अथवा खोई हुई वस्तु की प्राप्ति हो जाती है।
  • हाथों की अंगुलियां फड़के तो मित्र से मिलना होता है।
  •  दाईं ओर की बाजू फड़के तो धन व यश लाभ तथा बाईं ओर की बाजू फड़के तो खोई वस्तु मिल जाती है। 


# कोहनी का फड़कने  का फल 

  • अगर आपकी दाई कोहनी फड़कती है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि भविष्य में आपकी किसी से साथ बड़ी लड़ाई होने वाली है परतुं विजय उसे ही मिलती है
  •  अगर बाईं कोहनी में फड़कन होती है तो यह बताता है कि समाज में आपकी प्रतिष्ठा और ओहदा बढ़ने वाला है। साथ ही धन की प्राप्ति होती है।

# पीठ या शरीर के मध्य भागों का फड़कने  का फल 

  • पीठ के फड़कने का अर्थ है कि आपको बहुत बड़ी समस्याओं को झेलना पड़ सकता है।
  • दाहिनी ओर की बगल फड़के तो नेत्रों का रोग हो जाता है। 
  • बायी पीठ में फडकन धीमी हो तो परिवार में कन्या का जन्म होना संभव है और फडकन तेज हो तो अपरिपक्व यानि समय से पहले ही प्रसव हो सकता है। 
  • पीठ का उपरी हिस्सा फडक रहा हो तो धन की प्राप्ति होती है और पीठ का निचला हिस्सा फडकता है तो बहुत से मनुष्यों की प्रशंसा मिलने की संभावना रहती है।
  • पीठ दांयी ओर से फडक रही है तो धन धान्य की वृद्धि हो सकती है लेकिन पीठ के बांये भाग का फडकना ठीक नहीं होता है। मुकद्दमे में हार या किसी से झगडा हो सकता है।


# पेट के विभिन्न हिस्सों का फड़कना

  • पेट का उपरी भाग फडकता है तो यह अशुभ होता है। लेकिन पेट के नीचे का भाग फडकता है तो स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति होती है। 
  • यदि पेट का दांया हिस्सा फडक रहा है तो घर में धन दौलत की वृद्धि होगी सुख और खुशहाली बढती है। अगर  पेट का बांया हिस्सा फडकता है तो धन समृद्धि धीमी गति से बडती है वैसे यह शुभ नहीं है।
  • पसलियां फड़के तो विपदा आती है।
  • नाभि का फड़कना स्त्री को हानि पहुँचाता है।
  •  उदर का फड़कना कोषवृद्धि होती है।
  • आपके पेट में फडकन है तो यह अन्न की समृद्धि की सूचना देता है।

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# पैर के विभिन्न हिस्सों का फड़कना

  • आपके बांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो आपके कार्य पूरा होने की संभावना बड जाती है। 
  • बाये घुटने का उपरी हिस्सा फडक रहा है तो इसका फल कुछ नहीं होता है। 
  • आपके दांये घुटने में फड़कन है तो आपको सोने की प्राप्ति हो सकती है और यदि दांये घुटने का निचला हिस्सा फडक रहा है तो यह शत्रु पर विजय हासिल करने का संकेत है।
  • दाई जांघ फड़कती है तो यह इस बात को दर्शाता है कि आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा और बाईं जांघ के फड़कने का संबंध धन लाभ से है।
  •  दाई पैर के तलवे के फड़कने का संबंध सामाजिक प्रतिष्ठा में हानि से और बाएं पैर के फड़कने का अर्थ निकट भविष्य में यात्रा से है।


कमर के फड़कने  का फल 

  •  अगर किसी व्यक्ति की कमर का सीधा हिस्सा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि भविष्य में धन लाभ की संभावनाएं हैं।
  •  जहां कमर की दाहिनी ओर की फड़फड़ाहट किसी विपदा का संकेतदेती है, वहीं बांई आरे की फड़फड़ाहट किसी शुभ समाचार का संकेत देती है।


कैसे रोकें आंख का फड़कना?

  •  आंखों को जोर-जोर से झपकाएं।
  •  पलकों की मालिश करें।
  •  30 सेंकेंड तक लगातार आंखें झपकाते रहें।
  •  कुछ देर तक आंखों को आधा बंद करके आराम से बैठ जाएं।
  •  किसी गरीब बच्चे को कुछ खाने के लिए दें।
  •  ठंडे पानी से मुंह धोएं।

मुझे उम्मीद है आपको ये सभी shubh ashubh sanket शकुन एवं अपशकुन के बारे में जानने की लालसा इस लेख से पूरी हुई होगी हमने आपके लिए सपनों का मतलब, शरीर के अंगों में तिल का अर्थ  और शरीर के किस अंग के फड़कने का क्या फल,मतलब होता है पर भी आर्टिकल लिखा है उन्हें पढ़कर भी आप अपना ज्ञान बढ़ा सकते है। मुझे पूरी उम्मीद है की यह जानकारियाँ भी आपको बहुत ही रोचक लगेंगी।  

आपने हमे इतना समय दिया आपका बहुत धन्यवाद।